ख्याल

एक तेरा  ख्याल ही है जो दिल से जाता नहीं,
अब इस दिल को तेरे बगैर कोई और भाता नहीं।

तुझसे बिछड़ने के ख्याल से मन भर जाता
एक तेरा ख्याल ही है जो मरने नहीं देता।

इसी ख्याल से मैं हूं जिंदा अब तक
तेरे दामन में समेटे हुए हूं जान अब तक।

ख्यालों के पन्नों पर तुमसे जुड़े प्यार के बंधन से
हम तुम बंधे हैं एक दूजे के विश्वास और दामन से।


तारीख: 22.07.2021                                                        रेखा पारंगी






नीचे कमेंट करके रचनाकर को प्रोत्साहित कीजिये, आपका प्रोत्साहन ही लेखक की असली सफलता है