कान्हा

कान्हा तेरे रंग में डूबा सारा संसार है 
तेरी प्रीत में रंगने को हर कोई तैयार है
आज जन्माष्टमी का त्योहार है... 


जिधर देखूं उधर ही तेरी सूरत नजर आती है
कान्हा तेरी प्रीत है ऐसी नजर कहीं और नहीं जाती है 
मन को पावन कर दे ऐसा तेरा नाम है 
तेरा नाम जपो जहां वही चारों धाम  है 


राधा सा बन कर  तेरा होना चाहता हूं 
मीरा सा रम कर सब कुछ खाना चाहता  हूं 
कान्हा तेरी प्रीत ही अब मेरा व्यवहार है
कान्हा तेरे रंग में डूबा सारा संसार है
तेरी प्रीत में रंगने को हर कोई तैयार है
 आज जन्माष्टमी का त्योहार है.. 


तारीख: 27.08.2019                                    सचिन राणा




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