मुल्क़ की जुबानी

मिले हक हमें हमारे तो तुम्हें तकलीफ़,

             कुत्सित कलंकित कैसी क्रूर कहानी है।

विषमतावादी विशेष विषैले ही होते हैं,

               चाल चलना आपकी आदत पुरानी है।

प्रतिरोध पुरजोर पाखण्डियों का कीजिए,

          “मारुत” मूलनिवासी मुल्क की जुबानी है।

हमारे मुल्क़ में ही हमारा होता है शोषण,

      क्योंकि काली कथाओं की दुनिया दीवानी है।।

 

 

                          “मारुत”

                  ग्राम+पोस्ट- ढहरिया  

           तहसील- नादौती जिला- करौली

             ( राज.) पिनकोड- 322215

         ईमेल- pavanjrd@gmail.com

 


तारीख: 24.02.2026                                    पवन कुमार "मारुत"




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