वक्त कितना बदल गया है !

वक्त कितना बदल गया है ,

ऐसा लगता है , सबकुछ खो सा  गया है।  

 

आज भी हैं ,  दिन में 24 घंटे हैं ,

घूमती है धरा,  उसी धुरी पर  

फिर अब कहाँ चला गया हैं   वक्त  ,  

न संवाद है , न वाद है , न विवाद है ।

वक्त कितना बदल गया है ,

ऐसा लगता है सबकुछ खो सा  गया है।  

 

स्वयं को मोबाइल में,  है दिया डूबा

अब whatsapp पर ही होते पति – पत्नी के सब संवाद

बच्चे मोबाइल पर ही कह देते हैं  सब बात

साथ में बैठे हो जाते हैं कईं दिन -रात ।

वक्त कितना बदल गया है ,

ऐसा लगता है सबकुछ खो सा  गया है।  

 

पहले टीवी देखना भी एक उत्सव सा था

जब पूरा परिवार देखता था रामायण साथ

बीच-बीच में मम्मी पापा देते थे ज्ञान

एक जुट मिलजुलकर रहने पर था मान ।

वक्त कितना बदल गया है ,

ऐसा लगता है सबकुछ खो सा  गया है।  

 

आजकल अपनी मेमोरी कम है , फोन की मेमोरी है ज्यादा

कृत्रिम बुद्धि पर है भरोसा , खुद की बुद्धि से ज्यादा

जहां बचपन से जाते हैं , वहाँ भी आज रास्ता GPS से पूंछते हैं

आज हर प्रश्न का उत्तर ChatGPT से करते हैं ।

सच में वक्त कितना बदल गया है ,

ऐसा लगता है सबकुछ खो सा  गया है।  


तारीख: 01.08.2026                                    श्वेता रस्तोगी




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