
( मनहरण कवित्त छन्द )
जानबूझकर जब-जब मानव के द्वारा,
“मारुत” मुझको मीटरों में मापा जाएगा।
सौ मीटर वाला बयान विनाश बुला रहा,
अजीब आदेश आह! कयामत लाएगा।
कोटि-कोटि सालों से सुरक्षा करती तुम्हारी,
खनन से साहेब दिल दहल जाएगा।
मैं मरूँगी मगर चेतावनी याद रखना,
पूरा राजस्थान रेगिस्तान बन जाएगा।।